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प्रदेश में एक रोल मॉडल के रूप में उभरेगा बीकानेर का चिकित्सा संकुल

तहलका न्यूज,बीकानेर।भुजिया,पापड़ और रसगुल्ले के लिये अपनी बीकानेर ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।लेकिन चिकित्सा

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प्रदेश में एक रोल मॉडल के रूप में उभरेगा बीकानेर का चिकित्सा संकुल

तहलका न्यूज,बीकानेर।भुजिया,पापड़ और रसगुल्ले के लिये अपनी बीकानेर ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।लेकिन चिकित्सा के क्षेत्र में भी बीकानेर का नाम बड़ी शिद्दत से लिया जाने लगा है,क्योंकि यहां प्रदेश का पहला चिकित्सा संकुल बनाया गया है।जहां पांचों चिकित्सा सुविधा एक ही छत के  नीचे उपलब्ध है।ऐसे चिकित्सा संकुल का अवलोकन करने के लिये मंगलवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ पहुंचे।इस चिकित्सा संकुल में आयुर्वेद,एलोपैथी, होम्योपैथी,यूनानी और योगा जैसी चिकित्सा पद्धतियां एक ही छत के नीचे देख राठौड़ ने इसे प्रदेश के लिये एक मिसाल  बताया।उन्होंने कहा कि ऐसे चिकित्सा संकुल प्रदेश के लिये एक रोल मॉडल के रूप में उभरेगा।परदेसियों की बगीची मुक्ति धाम समिति के प्रबंधक राजीव शर्मा ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को बताया कि 2021 से इसकी शुरूआत की गई।समिति की ओर से राजस्थान सरकार को चिकित्सा संकुल की व्यवस्था के लिए आवेदन किया गया।सरकार से अनुमति मिलने के बाद समिति ने इस योजना को साकार किया। इस चिकित्सा संकुल में नि:शुल्क इलाज और दवाइयां दी जा रही हैं।इससे स्थानीय लोगों को काफी लाभ मिल रहा है।इस चिकित्सा संकुल में रोजाना 500 से 700  मरीज इलाज के लिए आते हैं।यहां पांचों चिकित्सा सुविधा एक ही जगह पर उपलब्ध कराई गई है।शर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र में स्लम एरिया होने के कारण लोग अच्छी चिकित्सा सुविधा से वंचित रह जाते थे। इसी को देखते हुए समिति ने पांचों चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई।प्रशासन का समय-समय पर सहयोग भी मिलता रहता है और भविष्य में भी सहयोग की आवश्यकता बनी रहेगी।व्यवस्थापक दीपक वत्स ने मदन राठौड़ को बताया कि भारत सरकार ने राजस्थान में पांच वेलनेस सेंटर की घोषणा की है।अगर इस परिसर में  एक वेलनेस सेंटर खोला जाए तो स्थानीय लोगों को और अधिक लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त,सर्वमन गंगा प्याऊ का निर्माण भी किया गया है।जिसमें प्रतिदिन 10 से 12 हजार लीटर पीने का पानी आमजन के उपयोग में आता है।यहां एक योगा पार्क भी बनाया गया है जहां कई किस्म के पेड़-पौधे लगाए गए हैं।लगभग 70 से 80 पौधे अलग-अलग प्रजातियों के लगाए गए हैं जो वातावरण को हरा-भरा बनाए रखने में सहायक हैं।डॉ विजेन्द्र बिनावरा ने बताया कि रोजाना 500 से 700 लोग इलाज के लिए आते हैं।यहां एक हजार से अधिक दवाइयां उपलब्ध हैं।समिति का निरंतर सहयोग रहता है।इस मौके पर राठौड़ का राजीव शर्मा,दिनेश वत्स,प्रदीप भारद्वाज,पूनम चलवा,दीपक,रामकुमार झंवर,योगेश भार्गव,जीवन सोलंकी,संजय पटपटिया ने स्वागत किया।

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