इन नशा तस्करों के मकान-बैंक खातें सीज,बीकानेर में ऐसी पहली कार्रवाई
तहलका न्यूज,बीकानेर।नशा तस्करों पर शिकंजा कसते हुए अब अनूठा तरीका अपनाया है।जिसके चलते न केवल

तहलका न्यूज,बीकानेर।नशा तस्करों पर शिकंजा कसते हुए अब अनूठा तरीका अपनाया है।जिसके चलते न केवल घर को सीज किया है।बल्कि खातों को फ्रीज कर उनकी कमर तोडऩे वाला काम किया है।जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देश पर सदर थाना क्षेत्र के दो हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। भुट्टों के बास में स्थित उनके मकानों को सीज कर दिया।सदर थानाधिकारी सुरेंद्र पचार की अगुवाई में सत्तार खां पुत्र मेऊ खां के दो मकानों पर कार्रवाई की गई है।सत्तार का नवनिर्मित मकान सीज कर दिया गया है जबकि पुराना रहवासी मकान फ्रीज कर दिया गया है।फ्रीज मकान में 45 दिनों तक निवास करने की अनुमति दी गई है।जबकि सीज मकान में नियमानुसार प्रवेश भी निषिद्ध करने के बोर्ड लगाएं गये है। वहीं भुट्टों का बास निवासी फिरोज पुत्र शहजाद की भैरूंखेरा में स्थित आठ बीघा जमीन सीज कर दी गई है।इसी तरह जेल में बंद शहजाद के बैंक अकाउंट में मौजूद 12 लाख रुपए व परी खान पुत्री शबीर खान के अकाउंट में मौजूद 9 लाख रुपए सीज कर दिए गए हैं।
परिवार पर कुल 46 मुकदमें
पुलिस के अनुसार नशा तस्करी सत्तार खां का फैमिली बिजनेस है।सत्तार के चार पुत्र हैं,उनमें से तीन नशा तस्करी ही करते हैं। सत्तार खां के खिलाफ एनडीपीएस के 13 मुकदमें दर्ज हैं जबकि उसके पुत्र साजिद,सिकंदर व अनीश को मिला लें तो इस परिवार पर कुल 46 मुकदमें दर्ज हैं।हालांकि चौथे बेटे साहिल पर अभी कोई मुकदमा नहीं है।सत्तार एनडीपीएस के मामले में फरार है जबकि उसके तीन तस्कर पुत्र जेल में बंद है। ये पिता पुत्र चारों ही हिस्ट्रीशीटर हैं।वहीं जिस फिरोज की 8 बीघा जमीन सीज की गई है,वह भी एनडीपीएस के मामले में फरार चल रहा है। फिरोज के पिता शहजाद के खिलाफ भी तीन मुकदमें दर्ज हैं।वह अभी जेल में बंद है।चौथी कार्रवाई भुट्टों का बास निवासी परी पुत्री शबीर पर की गई है। पुलिस के अनुसार शबीर के खिलाफ एनडीपीएस का मुकदमा हुआ था। इसी मुकदमें में परी भी आरोपी है।शबीर जेल में बंद है जबकि उसकी बेटी परी फरार है।
बीकानेर में पहला एक्शन
पुलिस के अनुसार एसपी मृदुल कच्छावा ने नशा तस्करों की कमर तोडऩे के लिए दिल्ली में एनडीपीएस की विशेष कोर्ट से संपत्तियां सीज एंड फ्रीज करने के आदेश प्राप्त किए हैं।सीज की गई संपत्तियों का ये आरोपी ना तो उपयोग कर सकेंगे और ना ही इनमें प्रवेश कर सकेंगे।फ्रीज किए गए एक घर में 45 दिनों तक रहने की अनुमति दी गई है। इसके बाद यह घर भी सीज कर दिया जाएगा।यह कार्रवाई एसपी के निर्देशों पर एएसपी सिटी चक्रवर्ती सिंह राठौड़ व सीओ सदर शालिनी बजाज के सुपरविजन में सदर थानाधिकारी सुरेंद्र पचार ने की है।उल्लेखनीय है कि समाज को नशा परोसकर बर्बाद करने वाले इन तस्करों को अब बीकानेर व राजस्थान ही नहीं बल्कि दिल्ली कोर्ट तक के चक्कर काटने पड़ेंगे।

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